Wednesday, July 14, 2010

जन्मदिन...........

आज आई है रात क़यामत की,
जिसका जन्मदिन उसकी शामत की,
ये है हॉस्टल हॉस्टल के कहानी,
बर्थडे बॉय के जुबानी ---

11:30 P.M. day before Bday
डर मेरे मन मैं छा रहा है -
हर दोस्त मैं एक हैवान नजर रहा है
हर हैवान अपने मन मैं कुछ पका रहा है
मुझे मारने के लिए अपने शस्त्र सजा रहा है
शस्त्र के साथ साथ IP से अपनी सेना भी बुला रहा है
सेना भी बुला रहा इतनी कि अब बचने पाऊँगा
सोचता हूँ क्या मैं कल सुबह का सूरज देख पाऊँगा


11:45 P.M. day before Bday
सोचते सोचते हूंकार सुनाई देती है
Wing मे हैवानो की सेना खड़ी लेकिन उन्हें कुछ
Happy bday
की जगह के मारो पुकार सुनाई देती है

लेकिन --
उन्हें कुछ समय के लिए रोका जाता है --
Dustbin मे पानी घोला जाता है --

जो पढ़ते नहीं कभी, उनके हाथों मे अखबारों का बण्डल है ,
Dustbin के पानी को कहते, गंगाजल से भरा कमंडल है --

00:00 a.m. B'day Celebration Begins
आखिर वो घड़ी गई,
हैवानों के चेहरों पर मुस्कान "बड़ी" गई

शोर बढ़ा --
और पाया अपने को हैवानों के बीचों बीच खड़ा |

एक "
हैप्पी बर्थडे" wish के साथ
दस लात लगाई जाती
है

उस Dustbin के गंगाजल मे,
कई बार डुबकी लगवाई जाती है |

अखबारों के Rollo se -

ऐसी बौछार कराई जाती है,

कि भगवान नहीं
गार्ड और वार्डेन की याद आई जाती है |

इन हूँकारो मे चिंख मेरी दब जाती है,
इन कठोर लम्हों मे सांसे मेरी थम जाती है ..........


ठंडे -ठंडे पानी से नहलाया जाता है,
मार्च के महीने मे मुझे जमाया जाता है |

उस काली पौलिश से मेरा तिलक किया जाता है -
मेरी Shaving Cream , tooth Paste का ,
मुझ पर हे ग़लत Use किया जाता है ..........

भगवान ने जो चीज़ बैठने को बनाई ,
उस पर आज इन हैवानों ने गीले अखबारों से आग लगायी -

मेरा हर पुर्जा-पुर्जा करहा रहा है
इन हैवानों मे किसी दोस्त को बुला रहा है
परन्तु,
मेरी सबसे अच्छा दोस्त भी
मेरी तसरीफ पर चटाके उड़ा रहा है --

12 :30 a.m. Birthday
भगवान ने देर से ही सही, पर मेरी सुन ली
अचानक से लात घूसों के बारिश थम ली
तसरीफ को अब जाके कुछ रहत मिली थी
मेरे चेहरे पर अब भी डर की लकीरे पड़ी थी --

अब जाके मुझे "
B'day Wishes" मिल रहे थे,
दोस्त थे मेरे, पर कोई गले नहीं मिल रहे
थे,
मैं भीगा - गंदगी मे लथपथ खड़ा था
महक रहा ऐसा जैसे सड़ा अंडा पड़ा था |


12 :45 a.m. Birthday
आज दोस्ती का अच्छा सीला मिला था --
१५ मिनट मे नहाने भर का मौका मिला
था


01:00 a.m. Birthday
सोचा था नहा कर आऊंगा
तो-
सभी जा चुके होंगे -
अपनी जीत के खुशिया मना चुके
होंगे-


ये क्या ?????????
ये हैवान मेरे ही रूम मे पड़े थे


ये हैवान भी मुझे अब दोस्त से लग रहे थे

क्यूंकि--
वही हैवान हाथ मे केक लिए खड़े थे |


केक काटा -

खाया-
खिलाया -
उससे ज्यादा केक मेरे मुंह पर लगाया -
मुझे कोल्ड ड्रिंक से भी नहलाया -


हैवानियत के अवतार इस दोस्त मे
उसका प्यार नजर आया --
उसके मीठे केक ने सारा दर्द भगाया -
उस मर मे भी उनका प्यार नजर आया -
ऐसे दोस्तों के साथ -
हॉस्टल मे अपना जन्मदिन मनाया ||

प्यार ऐसा कि कभी नहीं भूल पाऊँगा
इतनी मर के बाद भी लगता है
कि
अपना जन्मदिन
हर बार
इन हैवानों के बीच ही मनाऊँगा.....................
इन हैवानों के बीच ही मनाऊँगा.....................


...................... धन्यवाद दोस्तों .......................

आपका अपना ,
नवांकुर गुप्ता